गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में ‘समन्वय 2026’ का शुभारम्भ: मानसिक स्वास्थ्य पर वैश्विक मंथन की ऐतिहासिक पहल

Rajesh Bisht/ Naye Bharat Ka Uday

मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना समय की मांग : डॉ.संजय कौशिक, कुलगुरु

गुरुग्राम। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग द्वारा आईएचबीएएस एवं गुरुग्राम पुलिस के सहयोग के सहयोग से “समन्वय 2026: इंटरनेशनल मेंटल हेल्थ कॉन्फ्लुएंस – रिसर्च और प्रैक्टिस के लिए सिनर्जी” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारम्भ किया गया। सम्मेलन का शुभारम्भ माननीय अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया।

सम्मेलन में भारत सहित पाँच देशों से आए 500 से अधिक शोधकर्ता, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिसने इसे वैश्विक विमर्श का सशक्त मंच बना दिया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने “मनो सुकून क्लिनिक” का भी शुभारम्भ किया । इस क्लिनिक के माध्यम से विश्वविद्यालय, विद्यालयों एवं आमजन को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श एवं उपचार सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

यह पहल विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और सामुदायिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण है। कार्यक्रम के दौरान सम्मेलन से संबंधित स्मारिका एवं संपादित पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के विविध आयामों पर शोधपरक लेख संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ज्ञान-साझाकरण, नवाचार और नीति-निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि शोध और समाज के बीच सेतु का निर्माण ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम की संयोजिका एवं डीन, फैकल्टी ऑफ सोशल साइंसेज एंड एजुकेशन, डॉ. गायत्री रैना ने सभी अतिथियों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा एवं उद्देश्य प्रस्तुत किए। वही दूसरी और मुख्य अतिथि के रूप में पं. बी.डी. शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति प्रो. एच.के. अग्रवाल उपस्थित रहे।

उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाने पर बल देते हुए कहा कि यह मंच मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध और व्यवहारिक अनुप्रयोग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। इंटरनेशनल रोड फेडरेशन के अध्यक्ष (एमेरिटस) के.के. कापिला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बहु-क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। जबकि आभार प्रदर्शन डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. (डॉ.) अमरजीत कौर द्वारा किया गया।

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