राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वाधान में तथा अतिरिक्त उपायुक्त के मार्गदर्शन में विद्यानगर द्वारा संचालित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों के तहत मंगलवार को भिवानी शहर खंड के विद्या नगर क्षेत्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं का सम्मान करते हुए उन्हें पोषण की पोटली व सतरंगी पोषण थाली भेंट की गई तथा गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल, संतुलित आहार और एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गर्भकाल के दौरान आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने के महत्व से अवगत कराना तथा स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार करना रहा। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभाग द्वारा दी जा रही सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को उपहार स्वरूप पोषण की पोटली वितरित की गई, जिसमें गुड़, चना, हरी पत्तेदार सब्जियां, आयरन की गोलियां, पोषाहार तथा विभिन्न प्रकार के फल शामिल थे। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सतरंगी पोषण थाली भी प्रदान की गई, जिसमें संतुलित आहार के रूप में विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल कर उन्हें पौष्टिक भोजन के महत्व के बारे में समझाया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सुपरवाइजर अनीता नरवाल ने गर्भवती महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था का समय मां और शिशु दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान यदि महिला को पर्याप्त और संतुलित पोषण नहीं मिलता है तो एनीमिया सहित कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे शिशु के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने महिलाओं को आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करने, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाने तथा हरी सब्जियों, फल, दूध और अन्य पौष्टिक आहार को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने की सलाह दी।

उन्होंने बताया कि गोद भराई कार्यक्रम केवल एक परंपरा नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है, जिसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सम्मान देने के साथ-साथ उन्हें पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल के प्रति जागरूक किया जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया जाता है कि गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल और पोषण से स्वस्थ और सशक्त पीढ़ी का निर्माण संभव है।कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई की रस्म अदा की गई। उनके अच्छे स्वास्थ्य तथा गर्भस्थ शिशु के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

इस अवसर पर महिलाओं को विशेष रूप से एनीमिया से बचाव के उपायों के बारे में बताया गया तथा आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर जोर दिया गया।उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नियमित रूप से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं अपने और अपने शिशु के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं।

कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर बबिता, अनीता, राजवंती एवं मायापाती ने भी गर्भवती महिलाओं को पोषण, स्वच्छता और नियमित जांच के महत्व के बारे में जानकारी दी तथा उन्हें संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में उपस्थित गर्भवती महिलाओं ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से उन्हें गर्भावस्था के दौरान सही खान-पान और देखभाल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है, जिससे उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने में सहायता मिलती है।अंत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सभी महिलाओं से अपील की कि वे गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र पर आकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करें तथा विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पोषण आहार और सुविधाओं का लाभ उठाएं, ताकि स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
