मानसिक स्वास्थ्य पर चार दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का भव्य समापन, 410 शोध पत्रों के साथ बना नया कीर्तिमान

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

शोध, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संगम बना अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन डॉ. संजय कौशिक, कुलगुरु

गुरुग्राम। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में मानसिक स्वास्थय पर आयोजित चार दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक एवं गरिमामय समापन हुआ। मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न आयामों पर केंद्रित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ने शोध, प्रैक्टिस और जनजागरूकता के क्षेत्र में एक सशक्त मंच प्रदान किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए एक्रोपोलिस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रतीक एवं डॉ. अनु को “यंग अचीवर्स अवार्ड” से सम्मानित किया गया। प्रतियोगितात्मक गतिविधियों के अंतर्गत बेस्ट पेपर, बेस्ट पोस्टर, बेस्ट रील्स और बेस्ट शॉर्ट फिल्म्स के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त हाफ मैराथन (पुरुष एवं महिला वर्ग) के विजेताओं को भी प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 8 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने शोध कार्यों की बारीकियों, नवीनतम प्रवृत्तियों और व्यवहारिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चार दिवसीय इस सम्मेलन में कुल 410 छात्रों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज वैश्विक प्राथमिकता का विषय है और विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह शोध एवं नवाचार के माध्यम से समाज को ठोस समाधान प्रदान करे।

उन्होंने सम्मलेन की संयोजिका डॉ. गायत्री रैना समेत सभी प्रतिभागियों, शोधार्थियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्य संरक्षक के रूप में कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं और अकादमिक उत्कृष्टता को नई दिशा देते हैं।

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