राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। स्थानीय हनुमान ढाणी निवासी पर्यावरण प्रेमी एवं समाजसेवी जेई रामजीलाल की 50वीं शादी वर्षगांठ (स्वर्ण जयंती) के अवसर पर सोमवार को भव्य परिवार मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में परिवारजनों, रिश्तेदारों एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए दंपत्ति के सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। समारोह पारिवारिक सौहार्द, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई, जहां परिवार के सदस्यों ने रामजीलाल एवं उनकी धर्मपत्नी राज देवी का सम्मान करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए। उपस्थित लोगों ने दंपत्ति के वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए उनके जीवन मूल्यों और सामाजिक योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर आयोजित परिवार मिलन समारोह केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा गया। समारोह में उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का निर्णय लिया।
वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं।समारोह में वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन के सदस्य एवं एक विचार-एक सोच मंच के संरक्षक धर्मवीर सिंह नागर ने उपस्थित लोगों को मंच द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियानों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि जल संकट और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए समाज को जागरूक बनाना अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक परिवार एक पौधा लगाने और पानी बचाने का संकल्प ले ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
अपने संबोधन में जेई रामजीलाल ने भावुक शब्दों में अपने वैवाहिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में पारिवारिक सहयोग और आपसी विश्वास सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जीवन साथी के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा होता है, उसी प्रकार पेड़-पौधों के बिना प्रकृति भी अधूरी है। इसलिए प्रकृति के संरक्षण के लिए सभी को मिलजुलकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने आसपास हरियाली बढ़ाने का प्रयास करे और जल का संरक्षण करे, तो पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।
समारोह के दौरान परिवार के बच्चों एवं युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। पारिवारिक माहौल में हंसी-खुशी और भावनात्मक पलों ने सभी को एकजुटता का संदेश दिया। बुजुर्गों ने नई पीढ़ी को पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दंपत्ति के साथ बिताए गए पुराने अनुभवों को साझा करते हुए उनके सरल स्वभाव, सामाजिक सक्रियता और पर्यावरण के प्रति समर्पण की सराहना की। सभी ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन परिवारों को जोड़ने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं। इस अवसर पर रामजीलाल, राज देवी, नथिया देवी, रविन्द्र सिंह, उपासना देवी, मनोज चौहान, पूनम, ममता, रेखा, कविता, प्रांजल, हेमाक्षी, कृतेश सहित समस्त परिजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। पारिवारिक एकता, सामाजिक चेतना और प्रकृति संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
