राजेश बिष्ट/ नए भारत का उदय
भिवानी। जिला उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सोमवार को एक सराहनीय पहल की गई।शहर के हालुवास गेट स्थित ढाकयान पाना और ढाणी गुजरान के आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘बेस्ट मदर’ प्रतियोगिता के लिए सर्कल स्तरीय परीक्षा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की परवरिश के प्रति जागरूकता पैदा करना है। महिला एवं बाल विकास प्रोजेक्ट अधिकारी किरण के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता में भिवानी के चारों सर्कलों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। परीक्षा का सफल संचालन सुपरवाइजर सुजाता, प्रगति, रेखा और अनीता के नेतृत्व में किया गया।

सुपरवाइजर सुजाता, प्रगति, रेखा और अनीता ने सयुंक्त रुप से बताया कि प्रत्येक सर्कल से 25-25 महिलाओं ने इस लिखित एवं मौखिक परीक्षा में भाग लिया। प्रतियोगिता में उन माताओं को वरीयता दी गई, जिनके बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में आते हैं और स्वास्थ्य मानकों पर खरे उतरे हैं। चारों सर्कलों से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुल 12 माताओं का चयन किया गया है । उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता केवल यहीं समाप्त नहीं होती। सर्कल स्तर की ये 12 विजेता माताएं अब 11 मार्च को ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षा में अपनी प्रतिभा दिखाएंगी।

कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर सुजाता, प्रगति, रेखा और अनिता ने उपस्थित महिलाओं को बच्चों के स्वास्थ्य और माताओं के संतुलित आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मां का दूध बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अनिवार्य है। यह चिंता व्यक्त की गई कि शहरी क्षेत्रों में कुछ महिलाएं अक्सर घरेलू व्यस्तता के कारण अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करती हैं, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम है। उन्हें शिक्षा और रोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाना समय की मांग है। समारोह के अंत में सभी उपस्थित मातृशक्तियों को रिफ्रेशमेंट वितरित की गई। इस आयोजन ने न केवल माताओं को सम्मानित किया, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी पैदा की।
