राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय

मनीषा हत्याकांड मामले में 7 मार्च से शुरू हुआ पैदल जत्था पहुंचा भिवानी, सौंपा ज्ञापन
भिवानी। बीते वर्ष 2025 में पूरे देश को झकझोर देने वाली मनीषा मर्डर मिस्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है। वारदात के सात महीने बीत जाने और जांच सीबीआई के हाथों में होने के बावजूद अब तक किसी ठोस नतीजे पर न पहुंचने से जन आक्रोश चरम पर है। सोमवार को सर्वमान्य न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में खाप प्रतिनिधि, किसान संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए भिवानी के लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 7 मार्च को उसके पैतृक गांव ढ़ाणी लक्ष्मण से एक पैदल जत्था रवाना हुआ था। तीन दिनों की यात्रा के बाद सोमवार को यह जत्था भिवानी पहुंचा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान खाप और किसान नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली और सीबीआई की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए।

इस मौके पर भाकियु प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने दो टूक कहा कि हमने सरकार के न्याय दिलाने के भरोसे पर मनीषा का दाह संस्कार किया था। लेकिन आज 7 महीने बीत गए, सीबीआई की जांच को शुरू हुए भी 90 दिनों से ज्यादा का समय हो गया है, फिर भी परिणाम शून्य है। जनता जानना चाहती है कि आखिर हमारी बेटी के साथ क्या हुआ था और दोषी कौन हैं। भाकियु प्रदेश उपाध्यक्ष नेता मेवा सिंह आर्य ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि प्रशासन और सीबीआई की ढुलमुल कार्यप्रणाली से लोगों में भारी रोष है। यदि 24 मई तक सीबीआई की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो हरियाणा के इतिहास का सबसे बड़ा राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू होगा। 24 मई को एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी।
वही ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने प्रशासन को चेतावनी दी कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार एक बेटी को इंसाफ नहीं दिला पा रही। पुलिस बल के दम पर आवाज दबाने की कोशिश न की जाए। भाकियु जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की है जो न्याय में विश्वास रखता है। गौरतलब होगा कि 11 अगस्त 2025 को मनीषा कॉलेज में दाखिले के लिए घर से निकली और लापता हो गई। 13 अगस्त 2025 को ढ़ाणी लक्ष्मण के खेतों में मनीषा का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। जिसके बाद प्रदेश भर में भारी प्रदर्शन और खाप पंचायतों का दबाव बढ़ा तथा 7 3 सितंबर 2025 जन आक्रोश को देखते हुए मामला सीबीआई को सौंपा गया और जांच शुरू हुई। लेकिन आज तक जांच का कोई नतीजा नही निकला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 मई की समय सीमा तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो हरियाणा में एक बार फिर बड़े आंदोलन की शुरूआत होगी।
इस अवसर पर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु, धर्मपाल बारवास, धर्मपाल बडाला भाकियू महासचिव, कमल प्रधान यूवा संगठन, राज सिंह धनाना, अनिल झोझू जिला दादरी प्रभारी, होशियार सिंह,ख्मनभर स्वामी, आजाद सिंह भूगंला, विजेन्द्र सिंह, रणबीर, शिंभूराम, नवीन कारीमोद, राजकुमार हड़ोदी, युद्धवीर सिंह, अंतराम, कैलाश शर्मा, संजय कुमार, रामकिशन, जयसिंह सरपंच, बीरा देवी, सुशीला, बागमती, राजबाला, संतोष, तारा, अनिता, आशा, रजनी, पूनम, मुकेश, विनोद देवी, पलक, खुशी, कोमल, अनिपता देवी, बिमला किरोड़ी, निमली, धानी, प्रेमा, महाराज केदारनाथ, गंगाराम श्योराण सहित अनेक लोग मौजूद रहेरू।
