पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने पीडब्लयूडी और नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय 

समस्या का समाधान की बजाए सिर्फ कागजी खानापूर्ति साबित हो रहे समाधान शिविर : ईश्वर मान

भिवानी। भिवानी के समाधान शिविर में वीरवार को उस वक्त हडक़ंप मच गया, जब पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मान ने दो अलग-अलग शिकायत पत्र सौंपते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और नगर परिषद पर लापरवाही, भ्रष्टाचार और जनहित की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

ईश्वर सिंह मान ने उपायुक्त को सौंपे पहले पत्र में बताया कि भीम स्टेडियम के मुख्य द्वार से लेकर कृषि विज्ञान केंद्र और रामबाग तक गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह वही स्टेडियम है, जहां से देश के होनहार खिलाड़ी और भारतीय फौज के जवान निकलते हैं। इसी स्टेडियम की वजह से भिवानी को मिनी क्यूबा कहा जाता है, लेकिन आज यहां आधा किलोमीटर तक कचरे के अंबार लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समस्या के समाधान के लिए एक 2026 को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अढाई महीने बीत जाने के बाद भी नगर परिषद या सफाई ठेकेदार ने एक पत्ता तक नहीं उठाया। उन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर लावारिस नजर आ रहा है।

दूसरे मामले में ईश्वर मान ने तालु से मुढ़ाल सडक़ की खस्ताहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सडक़ के दोनों ओर सरकंडे, झुंड और काबुली कीकर की झाडिय़ाँ इतनी बढ़ गई हैं कि आए दिन हादसे हो रहे हैं। मान ने दावा किया कि जब उन्होंने एक्सईन से इस बारे में बात की तो अधिकारी ने झाडिय़ां कटवाने के बजाय अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता मेरे पीछे पड़ गया है। मान ने सवाल उठाया कि पीडब्लयूडी अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हिसार की किसी फर्म को झाडिय़ां साफ करने का ठेका दिया गया है, लेकिन धरातल पर एक टहनी भी नहीं काटी गई। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि ठेकेदार को कितनी पेमेंट की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हांसी गेट से जोगी वाला मंदिर तक लोहे की रेलिंग के करीब 40 नग चोरी हो गए और भीम स्टेडियम की दीवार के साथ लगे सीमेंट ब्लॉक उखाडक़र दूसरी जगह लगा दिए गए, जिसमें भारी सरकारी पैसे की बर्बादी हुई है।

ईश्वर सिंह मान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सडक़ किनारे झाडिय़ों को हटाने के लिए ट्रैक्टर की गोडी (हल्की कटाई) से काम नहीं चलेगा, बल्कि जेसीबी मशीन लगाकर इन्हें जड़ से उखाडऩा होगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का समय दिया है। मान ने कहा कि भिवानी को स्वस्थ और विकसित बनाने के दावे केवल विज्ञापनों में हैं। जब समाधान शिविरों में तीन-तीन बार शिकायत देने के बाद भी अधिकारी नहीं सुनते, तो आम जनता कहां जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई, तो हम बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।

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