डिजिटल जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी को रखा जाएगा गोपनीय : सीटीएम

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

पहली बार मिला है स्व:गणना का अवसर: सीटीएम

भिवानी। डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए वीसी सभागार में सीटीएम अनिल कुमार की अध्यक्षता में जनगणना-2027 को लेकर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीटीएम ने बताया कि नागरिकों को पहली बार स्व:गणना की सुविधा मिलेगी। इसके लिए 16 से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। एक मई से 30 मई तक मकानों की गणना की जाएगी। दूसरे चरण फरवरी 2027 तक होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना होगी, जो कि घर-घर जाकर पूरी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा और केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में ही इसका उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में जनगणना-2027 का कार्य विधिवत रूप से एक मई में शुरू होगा। कार्यशाला के दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. भागीरथ कौशिक ने जिला में जनगणना से संबंधित संसाधनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का कार्य पूरी तरह से डिजिटल मोड में किया जाएगा। इसके लिए एचएलओ के नाम से एक मोबाइल एप बनाया गया है। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले एक मई से मकानों को सूचीबद्ध किया जाएगा। इसमें मकान का एरिया, बिजली, पानी, सीवरेज, इंटरनेट केबल, वाहन आदि सुविधाओं को अंकित किया जाएगा। इसके बाद आम जनमानस की गणना का कार्य होगा। कार्यशाला में विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यशाला में फील्ड ट्रेनरों को दिया जनगणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षणकार्यशाला में मास्टर ट्रेनर डॉ. आनंद प्रकाश ने फील्ड ट्रेनरों को जनगणना से संबंधित विस्तार से जानकारी दी। उनको पारदर्शी ढंग से गणना करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण प्राप्त फील्ड ट्रेनर आगे सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में नियुक्त एल्युमिनेटरों (गणनाकारों) को प्रशिक्षण देंगे। यह एल्युमिनेटर मुख्य रूप से स्कूलों और अन्य निर्धारित केंद्रों पर तैनात किए जाएंगे, जो घर-घर जाकर जनसंख्या से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

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