Rajesh Bisht Naye Bharat Ka Uday

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साहित्य से जुडी समस्याओं से करवाया अवगत
भिवानी , हरियाणवी को भी केंद्रीय साहित्य अकादमी की पुरुस्कार सूची में शामिल किया जाए और हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ठप्प पड़ी साहित्यिक गतिविधियों को पुनः आरम्भ किया जाये , यह मांग करते हुवे हरियाणवी भाषा विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंडित लख्मीचंद सम्मान से विभूषित हरियाणवी कवि और चिंतक डॉ वीएम बेचैन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है , उन्होंने बताया की हमने सीएम साहब को ईमेल भी कर दी है, उनको सोशल मीडिया पर भी टैग कर दिया है और चिठ्ठी भी लिख दी है ,
मुख्यमंत्री को बताया गया है की पिछले चार वर्षो से न तो हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा कोई पुरुस्कार या सम्मानों के लिए आवेदन मांगे गए है और न ही पिछले पांच वर्षों से कोई सम्मान समारोह किया गया है, प्रदेश के साहित्यकारों की भावना का ख्याल रखते हुए हरियाणवी भाषा विकास मंच ने मंगलवार को ईमेल, सोशल मीडिया और रेजिस्टर्ड डाक के माध्यम से मुख्यमंत्री से निवेदन किया है , मंच के अध्यक्ष डॉ वीएम बेचैन ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया की केंद्रीय साहित्य अकादमी दिल्ली सविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी बाइस भाषाओ के साहित्यकारों को प्रति वर्ष पुरस्कार देती है, वर्ष 2025 की सूची में केंद्रीय साहित्य अकादमी ने अंग्रेजी और राजस्थानी भाषा को अतिरिक्त शामिल करते हुवे उन्हें भी पुरुस्कारो को श्रेणी में रखा है. हरियाणवी भाषा विकास मंच ने इस विषय में हरियाणा सरकार से निवेदन किया है की हरियाणवी साहित्य पर भी केंद्रीय अकादमी द्वारा प्रति वर्ष पुरस्कार दिया जाये, इस बारे में सरकार केंद्र से बातचीत करे, ताकि हरियाणवी साहित्य को और अधिक उन्नति एवं हौसला अफजाई हो सके,
वीएम बेचैन ने बताया की मुख्यमंत्री कला,साहित्य और संस्कृति प्रेमी है , उन्हें पूरा विश्वास है की जब असल समस्या उन तक पहुंचेगी तो वो इसका अवश्य समाधान करेंगे, वीएम बेचैन ने संबधित निदेशकों पर इल्जाम लगाते हुए कहा की कुछ लोग सिफारिश से निदेशक तो बन जाते है लेकिन खासकर कला संस्कृति और साहित्य से जुड़े लोगों की असल समस्या को मुख्यमंत्री के संज्ञान में नहीं डालते, इसलिए कलाकारों और कलमकारों में सरकार के प्रति रोष पनपता है, वरना सरकार अपनी तरफ से तो एक प्रतिनिधि नियुक्त कर ही देती है , डॉ बेचैन ने कहा की उनको पूरा विश्वास है , उनके लिखे पत्र पर सरकार अवश्य उचित कदम उठाएगी
9034741834
