नवसंवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाया आर्य समाज का 152वां स्थापना दिवस

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। आर्य प्रादेशिक प्रतिनिधि उपसभा, हरियाणा के तत्त्वावधान में आर्यसमाज का 152वां स्थापना दिवस के अवसर पर डी.ए.वी. शताब्दी पब्लिक स्कूल, कोंट रोड़ भिवानी में भारतीय नव वर्ष विक्रमी संवत 2083 का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय के प्रागंण में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ अवसर पर वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों में यज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लिया। यज्ञ में विद्यालय प्राचार्या जगदीप कौर ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से सृष्टि का आरंभ माना जाता है। साथ ही उन्होंने चारों वेदों ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का महत्व समझाया। युगप्रवत्र्तक स्वामी दयानंद सरस्वती ने नवसंवत्सर चैत्र प्रतिपदा 1881(10 अप्रैल 1875) को आर्यसमाज की स्थापना की।

मिडिया प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या जगदीप कौर ने सभी को नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए विक्रमी संवत के इतिहास और राजा विक्रमादित्य से उसके संबंध की जानकारी दी। वहीं वैदिक भजनों के माध्यम से ईश्वर की महिमा और जीवन के यथार्थ पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। इसके बाद सभी ने ओउम् और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

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