गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

⏩पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता आवश्यक : राव नरबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री

गुरुग्राम। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में “स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्थिरता में उभरते रुझान” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ। यह सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। सम्मेलन में देश-विदेश के लगभग 500 से अधिक शोध विद्वान, संकाय सदस्य, छात्र एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख अधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए।

जैव-विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मलेन में कुल 154 शोध पत्र प्राप्त हुए, जो इस विषय के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि और जागरूकता को दर्शाते हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डीएलसी सुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य, हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल, पंचकूला के वाइस चेयरमैन प्रो. एस.के. गखड़, ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने की।

कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने बताया कि सम्मेलन को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखा गया है, आयोजन में डिजिटल बैनर, डिजिटल पोस्टर और ई-कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स का उपयोग किया गया, इस पहल से संसाधनों की बचत के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान विभिन्न पर्यावरणीय संस्थाओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने के उद्देश्य से लाइव एवं कार्यशील मॉडल भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें प्रतिभागियों ने विशेष रुचि के साथ देखा और सराहा। इस दौरान सम्मेलन के संयोजक प्रोफेसर धीरेंद्र कौशिक, और संयोजिका प्रो. रानी देवी उपस्थित रही I सम्मलेन की संयोजिका प्रो रानी देवी ने स्वागत भाषण दिया।”

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि गुरुग्राम यूनिवर्सिटी द्वारा प्लास्टिक मुक्त और डिजिटल माध्यमों से आयोजित यह सम्मेलन अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि “युवा शोधकर्ता और विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के वास्तविक परिवर्तनकारी बन सकते हैं, यदि वे अपने विचारों को व्यवहार में उतारें। उन्होने कहा कि आज के शोध और नवाचार तभी सार्थक होंगे जब उनका लाभ आम जन तक पहुंचे।

डीएलसी सुपवा के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि “हरियाणा को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है ।

विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.के. गखड़ ने कहा हम सबको मिलकर एक ऐसा समाज बनाना है, जहां विकास के साथ प्रकृति का सम्मान भी सुनिश्चित हो वही दूसरी और ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने भी अपने विचार रखे।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि “वर्तमान समय में स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों ही मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सतत विकास के लिए हमें नवाचार, अनुसंधान और जागरूकता को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। इस मौके पर डीन प्रोफेसर भूपेश शर्मा, प्रोफेसर संजीव गुप्ता समेत विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थिति रहे I

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!