प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बूस्टर डोज साबित होगा बिजली दरे स्थिर रखने का फैसला : विनोद बापना

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

गुरुग्राम के उद्योगों को बड़ी राहत : 2026-27 के लिए बिजली दरें स्थिर, सीआईआई ने किया फैसले का स्वागत

गुरूग्राम। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी ना करने के फैसले ने गुरुग्राम सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक गलियारों में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। एक अप्रैल से लागू होने वाली इन नई दरों से ना केवल आम जनता, बल्कि प्रदेश की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले 83.79 लाख उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी।

सीआईआई हरियाणा काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य और कैपेरो मारूति के सीईओ विनोद बापना ने इस निर्णय को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक बूस्टर डोज करार दिया है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, जो कि ऑटोमोबाइल और आईटी हब के रूप में वैश्विक पहचान रखता है, वहां के उद्योगों के लिए स्थिर बिजली दरें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

विनोद बापना ने कहा कि वर्तमान वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों में जब कच्चे माल की कीमतें अस्थिर है, तब बिजली दरों को स्थिर रखना राज्य सरकार और आयोग का एक सराहनीय कदम है। यह निर्णय औद्योगिक विकास को गति देगा और नए निवेश के लिए एक सकारात्मक और मजबूत माहौल तैयार करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली दरों में वृद्धि ना होने से उत्पादन लागत स्थिर रहेगी, जिससे हरियाणा के उत्पाद वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उद्योगों को फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट जैसे अन्य शुल्कों पर नजर रखनी होगी, जो समय-समय पर परिवर्तनीय होते हैं। आयोग का यह फैसला इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि बिजली वितरण निगमों ने लगभग 4,484.71 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान जताया था। इसके बावजूद आयोग ने उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डालने का फैसला किया।

विनोद बापना ने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे शहरों में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का जाल बिछाने के निर्देश दिए गए हैं। पीक और ऑफ-पीक मांग के बीच 3 हजार से 5 हजार मेगावाट के बड़े अंतर को पाटने के लिए डिमांड साइड मैनेजमेंट पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में हरियाणा की स्थिति और मजबूत होगी। स्थिर बिजली दरें न केवल मौजूदा एमएसएमई को सुरक्षा प्रदान करेंगी, बल्कि गुरुग्राम में नए स्टार्टअप्स और विनिर्माण इकाइयों को आकर्षित करने में भी मील का पत्थर साबित होंगी।

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