राजेश बिष्ट
29 श्रम कानूनों को बहाल कर नई चार श्रम संहिताओं को समाप्त करे सरकार
भिवानी। एटक के जिला प्रधान ईश्वर शर्मा ने केन्द्र सरकार के नए लेबर बिल का विरोध किया है। उन्होंने चार नई श्रम संहिताओं विरोध जताया और इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। यहां जारी बयान में एटक के जिला प्रधान एवं कर्मचारी नेता ईश्वर शर्मा प्रधान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को कर्मचारियों और मजदूरों के हित में पहले से लागू 29 श्रम कानूनों को बहाल करना चाहिए और नई चार श्रम संहिताओं को तुरंत समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये श्रम संहिताएं मजदूर और कर्मचारी विरोधी हैं और इससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी और मजदूर किसी भी सूरत में इन कानूनों को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि विभागों के निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए। साथ ही खाली पड़े पदों पर नियमों के अनुसार नियमित भर्ती की जाए और क्षेत्रफल, आबादी व आवश्यकता के अनुसार नए पद सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और आठवां वेतन आयोग जल्द लागू किया जाए। उन्होंने यह भी मांग रखी कि जब तक आठवां वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक कर्मचारियों को 5000 रुपए की अंतरिम राहत दी जाए और ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी पर भी रोक लगाई जाए।
