भिवानी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिवानी द्वारा नौ मई को आयोजित होने वाली दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। लघु सचिवालय स्थित एडीआर सेंटर के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.आर. चालिया के निर्देशानुसार तथा सीजेएम-सह-सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

सीजेएम पवन कुमार ने सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाए रखते हुए लोक अदालत को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मंच समाज में सौहार्द एवं आपसी सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देता है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों तथा अधिवक्ताओं ने भाग लेकर लोक अदालत को सफल बनाने हेतु अपने सुझाव प्रस्तुत किए और आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।

सीजेएम-सह-सचिव पवन कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित व प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण करना है, ताकि आम जनता को सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि लोक अदालतें न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग हैं, जहां बिना किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया के आपसी सहमति से मामलों का समाधान संभव होता है।
उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित अधिक से अधिक मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत में भेजना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों से अपील की गई कि वे ऋण संबंधी व अन्य विवादित मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास करें, ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि इससे आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी संबंधित विभागों के सहयोग से इस बार की राष्ट्रीय लोक अदालत को और अधिक प्रभावी व सफल बनाया जाएगा।बैठक में जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए लोक अदालत के प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण में सहयोग का आश्वासन दिया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि वे अपने-अपने मुवक्किलों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों के समाधान के लिए प्रेरित करेंगे।इसके अलावा पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे आपसी सहमति से निपटाए जा सकने वाले मामलों को चिन्हित कर लोक अदालत में प्रस्तुत करने में सहयोग करेंगे। अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।बैठक के दौरान लोक अदालत की तैयारियों, व्यवस्थाओं और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए गए कि वे आम जनता को लोक अदालत के महत्व के बारे में जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन देशभर में एक साथ किया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के मामलों जैसे बैंक ऋण, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, बिजली-पानी के बिल, राजस्व मामले आदि का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाता है। बैठक में जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
