राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। हेमंत सैनी कल्चरल थिएटर एंड वेलफेयर सोसाइटी एवं गौरव पब्लिक स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंधक रितु कथुरिया एवं संस्थापक सत्यनारायण ने की।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मीनू शर्मा ने खेजड़ी वृक्ष के महत्व पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है, जिसे “मरुस्थल का कल्पवृक्ष”, “रेगिस्तान का गौरव” और “राजस्थान का मसीहा” भी कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि खेजड़ी का वैज्ञानिक नाम प्रोसोपिस सिनेरेरिया है और इसे विभिन्न क्षेत्रों में शमी, जांटी, जांड, सुमरी तथा कांडी नामों से जाना जाता है।उन्होंने इसके धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशहरे के दिन शमी (खेजड़ी) की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ने लंका युद्ध से पूर्व इसकी पूजा की थी, वहीं पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान अपने अस्त्र-शस्त्र इसी वृक्ष में छुपाए थे। इसके अलावा लोक देवता गोगाजी एवं झुंझार बाबा के थान भी प्रायः खेजड़ी वृक्ष के नीचे स्थापित होते हैं।

पर्यावरणीय दृष्टि से इसके महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि खेजड़ी की जड़ें गहरी होती हैं, जो रेत के टीलों को स्थिर बनाए रखती हैं और मरुस्थल के विस्तार को रोकने में सहायक होती हैं। यह वृक्ष नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ सदस्य—नरेश, कविता भारद्वाज, सुमित्रा, आशा, राकेश, संदीप, मोनिका, संतोष, साक्षी, महक सहित हेमंत सैनी आदि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया गया।
