राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी, 08 अप्रैल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भिवानी द्वारा नालसा की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन तक कानूनी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थानीय एडीआर सेंटर में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया के निर्देशानुसार तथा सीजेएम-कम-सचिव पवन कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई।कार्यशाला में पैनल अधिवक्ताओं, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स, मध्यस्थों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजनाओं के प्रभावी संचालन पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान विशेष रूप से नालसा (जागृति) – जमीनी स्तर पर ग्रामीण सूचना एवं पारदर्शिता पहल योजना, 2025 तथा आपदा पीड़ितों को प्रदान की जाने वाली कानूनी सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि नालसा की योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद एवं कमजोर वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें समय पर न्याय मिल सके।मुख्य कानूनी सहायता रक्षा वकील राधेश्याम ने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को मिलने वाली कानूनी सहायता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य संकट की स्थिति में पीड़ितों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें न्याय दिलाना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।वहीं, उप मुख्य कानूनी सहायता रक्षा वकील (एलएडीसी) बबली ने नालसा (जागृति) योजना के अंतर्गत चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने मानसिक रूप से बीमार एवं दिव्यांग व्यक्तियों को कानूनी सेवाएं (एलएसयूएम) उपलब्ध कराने संबंधी प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी।डॉ. सुमन पन्नू ने मानसिक रोग योजना 2024 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों को समय पर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है।डॉ. पन्नू ने कहा कि आज के समय में तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग इलाज नहीं करवा पाते। इस योजना के माध्यम से ऐसे मरीजों को सरकारी स्तर पर नि:शुल्क या सस्ती दरों पर इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर, काउंसलर और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।कार्यशाला के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे नालसा योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इन सेवाओं से लाभान्वित हो सकें।
