राजेश बिष्ट / नए भारत का उदय
भिवानी। गांव धनाना में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं सरकारी विद्यालयों में नामांकन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य एवं प्रभावशाली मेले का आयोजन किया गया। यह मेला राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, धनाना में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र प्ले वे स्कूल में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य केवल आंगनबाड़ी केंद्र व विद्यालय तक सीमित न रहकर पूरे गांव के सभी राजकीय विद्यालयों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले के माध्यम से उपस्थित महिलाओं को सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सरकारी विद्यालयों में दी जा रही सुविधाओं पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाएं, नि:शुल्क शिक्षा, पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मिड-डे मील, डिजिटल शिक्षा एवं खेल सुविधाएं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धनाना की प्राचार्य सुदेश चौहान ने अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का अधिक से अधिक दाखिला सरकारी विद्यालयों में करवाएं। राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, धनाना के मुख्य अध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्र की सुपरवाइजर राधा ने भी आंगनबाड़ी केंद्र में दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया।
इस अवसर पर प्राचार्य सुदेश चौहान, मुख्य शिक्षक अशोक कुमार, कन्या प्राथमिक विद्यालय धनाना से पूनम एवं कविता, प्रवक्ता मीनाक्षी, मोनिता, आशा एवं उषा, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर राधा, आंगनबाड़ी कर्मचारी पूनम , वीरमती व ओमपति अनेक महिलाएं उपस्थित रही। सभी ने मिलकर ग्रामीण महिलाओं को सरकारी विद्यालयों में नामांकन के लिए प्रेरित किया तथा शिक्षा के महत्व को विस्तार से समझाया। मेले के सफल आयोजन में विद्यालय स्टाफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं समस्त टीम का सराहनीय योगदान रहा। यह आयोजन न केवल एक जागरूकता अभियान के रूप में सफल रहा, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। अंत में, विद्यालय प्रशासन ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन कर शिक्षा के प्रति जागरूकता को और अधिक बढ़ाया जाएगा, ताकि हर बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सके।
