भिवानी के धावकों का दिल्ली-ग्रुरुग्राम में शानदार प्रदर्शन, घर लौटने पर किया गया स्वागत, टाइम घटने पर होगा फोकस

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी की महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी दो धावकों (हार्दिक व लावण्या) ने दिल्ली व गुरुग्राम में आयोजित दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं घर लौटने पर उनका मुंह मीठा करवाया। साथ ही उनका स्वागत भी किया गया। भिवानी की महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी राजेश तंवर ने बताया कि उसका बेटा करीब 13 वर्षीय हार्दिक व करीब 12 वर्षीय लावण्या लंबी दूरी के धावक हैं। इन्होंने अपनी लंबी दूरी की दौड़ में नए कीर्तिमान जोड़े हैं।

उन्होंने गुरुग्राम में 16 किलोमीटर की दौड़ करवाई गई थी। उसमें लावण्या ने ओवरऑल महिला श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया। उनका समय 1 घंटा 31 मिनट का रहा। वहीं हार्दिक ने 1 घंटा 17 मिनट 46 सेकेंड में यह दूरी तय करके अंडर-18 में तृतीय स्थान रहा। हार्दिक ने जयपुर में आयोजित 10 किलोमीटर दौड़ में भाग लिया और 45 मिनट 46 सेकेंड का समय लेकर द्वितीय स्थान हासिल किया।

सुबह साढ़े 5 बजे पहुंच जाते हैं ग्राउंड में उन्होंने बताया कि दिल्ली के जवाहर लाल स्टेडियम में 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन आयोजित की गई थी। जिसमें देशभर से करीब 27 हजार धावकों ने भाग लिया। जिसमें आर्मी के जवानों के लिए 21 किलोमीटर हॉफ मैराथन में भाग लिया। जिसमें हार्दिक का समय 1 घंटा 48 मिनट 44 सेकेंड रहा, जो अपना द्वितीय सर्वश्रेष्ठ टाइम रहा।

वहीं लावण्या ने 2 घंटे 9 मिनट में हॉफ मैराथन पूरी की। हार्दिक ने 13 साल की उम्र में 13 वीं हॉफ मैराथन दौड़े हैं, वहीं लावण्या 12 साल की उम्र में 12वीं हॉफ मैराथन दौड़े हैं। उन्होंने बताया कि दोनों सुबह साढ़े 5 बजे ग्राउंड पर जाते हैं। वहां पर लंबी दूरी की दौड़ करते हैं। जब भी हॉफ मैराथन में भाग लेते हैं, तो अपनी प्रैक्टिस नहीं छोड़ते।

इन्होंने इस उम्र में अपने बेस्ट लंबी दौड़ को एशिया बुक ऑफ रिकार्ड एवं इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करवाकर उस समय को तोड़ रहे हैं। रेस का टाइम बेहतर करने पर जोर हार्दिक ने कहा कि दिल्ली में आयोजित दौड़ में वे सैनिकों के सम्मान में दौड़े थे। सैनिकों के लिए दौड़ लगाकर अच्छा लगा और उन्हें सम्मानित किया। आगे वे अपने इस टाइम को कम करके दौड़ को सुधारेंगे। ताकि देश का नाम रोशन करें।

लावण्या ने कहा कि हॉफ मैराथन में भाग लेकर काफी अच्छा लगा। आगे टाइम को बेहतर करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने करीब 3 साल पहले दौड़ शुरू की थी। वहीं हर रोज सुबह दो से तीन घंटे प्रैक्टिस करते हैं। वहीं उन्हें दौड़ की प्रेरणा अपने भाई व पिता से मिली है।

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