राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
⏩ समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदल रही है आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना : पार्षद
⏩ बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता की भागीदारी सबसे अहम : सुरपरवाईजर सुुजाता
भिवानी। स्थानीय दुर्गा कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उपायुक्त साहिल गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबू लाल करवा, डीपीओ वैशाली डब्ल्यूसीडीपीओ किरण के मार्गदर्शन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग की महत्वाकांक्षी योजना आपकी बेटी-हमारी बेटी के तहत लाभार्थियों को एलआईसी के बॉन्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वार्ड नंबर 19 के पार्षद शिव कुमार, वार्ड नंबर 20 के पार्षद प्रदीप कौशिक और वार्ड नंबर 14 के पार्षद जयवीर रांगा ने शिरकत की और अपने हाथों से बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भिवानी शहरी ब्लॉक की आंगनबाड़ी सुपरवाईजर सुजाता ने की। इस दौरान 26 महिलाओं को योजना के बौंड वितरित किए गए।

इस मौके पर साल 2015 से निरंतर चल रही आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए पार्षदों ने कहा कि यह सरकार का बेटियों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ पहली बेटी के लिए अनुसूचित जाति वर्ग या बीपीएल कार्ड धारक परिवारों को दिया जाता है। वही दूसरी और तीसरी बेटी के लिए किसी भी वर्ग का परिवार आवेदन कर सकता है। उन्होंने बताया कि लाभ प्राप्त करने के लिए बेटी के जन्म के एक वर्ष के भीतर फॉर्म भरना अनिवार्य है।

पार्षदों ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की यह पहल सराहनीय है। आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति नजरिया भी बदल रही है। स्कूल रेडीनेस मेले जैसे कार्यक्रम बच्चों की नींव मजबूत कर रहे हैं। हम विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निष्ठा की प्रशंसा करते हैं।
इस मौके पर सुपरवाईजर सुजाता ने बताया कि बॉन्ड वितरण के साथ-साथ केंद्र पर स्कूल रेडीनेस मेला का भी सफल आयोजन हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य नन्हे बच्चों को औपचारिक स्कूल (प्राइमरी स्कूल) में दाखिले के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करना था। मेले के दौरान बच्चों के पांच मुख्य विकास आयामों (शारीरिक, संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक और भावनात्मक विकास) पर जोर दिया गया।
उन्होंने बताया कि 8वें पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को सही पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करना है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं विभिन्न सामुदायिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें महिलाओं को संतुलित आहार, बच्चों के उचित विकास, एनीमिया की रोकथाम तथा स्वच्छता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
अभियान के तहत विशेष रूप से यह संदेश दिया जा रहा है कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के पहले 1000 दिन तक सही पोषण बेहद आवश्यक है। साथ ही, स्तनपान, पूरक आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता की भागीदारी सबसे अहम है। उन्हें सिखाया गया कि किस तरह घर के पौष्टिक खाने से बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है और समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच कितनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि वार्ड का कोई भी पात्र परिवार इस योजना से वंचित न रहे। वही स्कूल रेडीनेस मेले के जरिए हम बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो। केंद्र की कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के लिए संतुलित खेल, रोचक कहानियां, चित्रकला और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां करवाई गईं, जिससे बच्चे उत्साहित नजर आए।
