भिवानी के पॉश इलाकों के निवासी पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस रहे : रामकिशन शर्मा

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

नरक बनते सेक्टर 13-23, प्रशासन की अनदेखी पर भड़का दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन

आबादी के बोझ तले दबे पुराने टैंक, सैक्टर के जलघर में बनवाया जाए तीसरा टैंक : रामकिशन शर्मा

भिवानी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के दावों की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सेक्टर 13, सैक्टर-23, न्यू हाऊसिंग बोर्ड, ईडब्ल्यूएस से सामने आई है। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहे स्थानीय निवासियों का सब्र अब जवाब दे चुका है। द भिवानी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्राप्त) रामकिशन शर्मा ने संपदा अधिकारी हरबीर सिंह को मांगपत्र सौंपकर प्रशासन की सुस्ती और लापरवाही पर गहरा रोष प्रकट किया है।

इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकिशन शर्मा ने क्षेत्र की बदहाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन जनहित की सोच को ताक पर रख चुका है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बीते दिनों से पेजयल समस्या बनी हुई है तथा कभी-कभार जो पानी आता है, वह भी बेहद दूषित आता है। जिसके चलते इन क्षेत्रों के लोग बीमार हो रहे है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में दूषित पेयजल सप्लाई की समस्या को जड़ से जानने के लिए उन्होंने तथा सचिव सतबीर कौशिक व सदस्य डा. फूल सिंह धनाना सैक्टर-13 जलघर का दौरा किया तथा पाया कि जलघर में सफाई की अत्यंत आवश्यकता है।

टैंक में वृक्ष व अन्य गंदगी पड़ी हुई है, जिसके चलते दूषित पेयजल सप्लाई होता है तथा इस समस्या के समाधान की मांग उन्होंने संपदा अधिकारी को मांगपत्र सौंपकर उठाई। शर्मा ने कहा कि भिवानी के इन पॉश इलाकों के निवासी आज पानी और निकासी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए तरस रहे हैं।

मांगपत्र सौंपते हुए शर्मा ने बताया कि सेक्टरों की आबादी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, लेकिन पानी की आपूर्ति का ढांचा दशकों पुराना है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य जल घर में तीसरा पानी का टैंक तत्काल बनवाया जाए। आबादी के बोझ तले दबे पुराने टैंक अब जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वॉल और एलम प्लांट पूरी तरह बंद पड़े हैं, फिटर प्लांट ठप्प है और पंप चैंबर जर्जर हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि बिजली कटने पर जनरेटर तक नहीं चलाया जा रहा है। यही नहीं जलघर परिसर में चारों तरफ रेत, घास और झाडिय़ां, पटेरा उग आई हैं, जिससे सप्लाई होने वाले पानी की शुद्धता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

वही सीवर व्यवस्था पर रोष व्यक्त करते हुए शर्मा ने बताया कि वर्तमान में मोटरों के जरिए एक हॉल से दूसरे हॉल में पानी डाला जा रहा है, जो यह साबित करता है कि पाइपलाइनें पूरी तरह चौक (बंद) हैं। उन्होंने मांग की है कि 10 साल पहले जिस तरह सीवर सफाई की मशीनें नियमित आती थीं, वैसी ही व्यवस्था दोबारा बहाल की जाए।

रामकिशन शर्मा ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि जो विभाग पिछले 15 वर्षों से अपना खुद का कार्यालय पूरा नहीं बनवा सका, वह आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे करेगा? यह विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। उन्होंने मांग की कि एचएसवीपी के उच्च अधिकारियों एसई, एक्सईन, एसडीओ व जेई के साथ तत्काल एक संयुक्त बैठक बुलाई जाए, हर दो महीने में कम से कम एक बार आरडब्ल्यूए के साथ अनिवार्य बैठक हो ताकि समस्याओं का जमीनी समाधान निकल सके।

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