राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों के लिए रक्त की एक-एक बूंद कीमती : सीएमओ
भिवानी। रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी को जीवनदान देने का संकल्प है। इसी सेवा भावना के साथ शुक्रवार को विश्व थैलेसीमिया दिवस व रेडक्रॉस दिवस और महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर स्थानीय चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। उपायुक्त साहिल गुप्ता के मार्ग निर्देशन में सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट और वंशिका फाउंडेशन द्वारा लगाए गए इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 24 यूनिट रक्तदान कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रघुबीर शांडिल्य ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे बच्चों के लिए रक्त की एक-एक बूंद कीमती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें ताकि आपातकाल में किसी की जान न जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. रोहित मेहला ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शतकवीर रक्तदाता राजेश डुडेजा और ब्लड बैंक इंचार्ज डा. हर्ष मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके इस निस्वार्थ प्रयास की सराहना की। सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश मिताथल और रक्तवीर मनीष वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाना है।
जगदीश मिताथल ने कहा कि थैलेसीमिया पीडि़तों के लिए रक्त की निरंतर आवश्यकता होती है। हमारे 24 युवा साथियों ने आज रक्तदान कर यह साबित कर दिया है कि मानवता अभी जीवित है। सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट भविष्य में भी जिला प्रशासन के सहयोग से ऐसे शिविरों का आयोजन करता रहेगा ताकि जिले के ब्लड बैंक में रक्त की कमी न हो। शिविर में पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
रक्तवीर मनीष वर्मा ने बताया कि रक्तदान से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। शिविर के सफल आयोजन में अस्पताल स्टाफ और स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर अशोक चाहर, प्रधान प्रथमिक टीचर एसोसियाशन मास्टर रामपाल, सुरेंद सहित समस्त रक्तदाता व ब्लड बैंक का स्टॉफ उपस्थित था।
