राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रावधान में वृंदावन के मां ज्वाला धाम श्री कृष्णा आश्रम में व्यापारी समागम आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में नागालैंड के राज्यपाल महामहिम नंदकिशोर यादव ,राष्ट्रीय व्यापारिक कल्याण बोर्ड के चैयरमैन सुनील सिंधी,राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह ने शिरकत की भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता, वरिष्ठ महामंत्री मुकुंद मिश्रा ने अध्यक्षता की।

इस अवसर पर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव एवं नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष भानु प्रकाश ने कहा हरियाणा में नगर परिषद के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से व्यापारियों का व्यापार करना बहुत मुश्किल हो गया है कूड़े के ढेर अब सड़ने लगे हैं। जल्द ही इस विषय में कोई फैसला नहीं लिया गया तो महामारी फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा सरकार इस पर तुरंत संज्ञान लेकर कोई फैसला ले साथ ही व्यापारियों की समस्याओं का एक ज्ञापन सौंप कर मांग की गई है विभिन्न समस्याओं का निदान जल्द से जल्द कराया जाए।

उन्होंने कहा कि हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड का पुनर्गठन हो। व्यापारी राहत कोष की स्थापना की जाए। हरियाणा के शहरों में मुख्य बाजारों में पुलिस गस्त की व्यवस्था बढ़ाई जाए। जीएसटी के लागू होने के बाद हरियाणा में मार्केट फीस जो की लगी हुई है इसे पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए या अधिकतम एक प्रतिशत मार्केट फीस रखी जाए। जीएसटी रिटर्न जल्द से जल्द हो। व्यापारियों की क्षतिपूर्ति योजना हेतु जिला स्तर पर कैंप लगाए जाए।
व्यापारियों की पेंशन योजना लागू की जाए व्यापारियों को पेंशन योजना हेतु सरकार जीएसटी का 2% भाग व्यापारी पेंशन योजना के लिए फिक्स किया जाए। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर व्यापारिक क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए। व्यापारियों के आर्म लाइसेंस सरल तरीके से दिए जाएं। भामाशाह जयंती 29 जून को राष्ट्रीय सत्र पर व्यापारी दिवस घोषित किया जाए। सभी सरकारी कार्यालय में जहां पर व्यापारियों का लेनदेन या आवागमन रहता है वहां पर व्यापारियों को बैठने के लिए अलग से कक्ष की स्थापना की जाए। जिला स्तर पर व्यापारी भवन बनाने हेतु सरकारी दाम पर हरियाणा व्यापार मंडल को जमीन उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि शहरों में पर्याप्त स्थान पर पार्किंग स्थल बनाए जाएं जिससे जो जाम की स्थिति बनी हुई है उसे समाप्त किया जा सके। व्यापारियों के साथ कोई भी अप्रिय घटना घटने पर उचित मुआवजे की व्यवस्था बिना विलंब अर्थात समय बद्ध होनी चाहिए। व्यापारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत पेंशन मेडिकल सुविधा का प्रावधान भी किया जाए। व्यापारी राहत कोष की स्थापना हो।जो भी टैक्स हम व्यापारियों द्वारा सरकारी खजाने में जमा करवाया जाता है इस का मात्र 2% इस कोष में जमा किया जाए ,जिस को आप की ही सहमति से व्यापारियों के कल्याण के लिए खर्च किया जाए।
MSME नए भुगतान नियम को बिना विलंब किए समाप्त किया जाए ,लघु कुटीर उद्योगों को बचाया जाए। अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। सरकारी योजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले व्यापारियों को “व्यवासायिक प्रतिपूर्ति” राशि देने, मुआवजा व उचित विस्थापन करने के लिए व्यवस्था बनाई जाए। छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु ई-कॉमर्स एवं बड़े कॉर्पोरेट रिटेल व्यापार के लिए संतुलित एवं न्यायसंगत नीति बनाई जाए। जिन बड़े व्यावसायिक समूहों एवं कंपनियों का वार्षिक कारोबार ₹400 करोड़ से अधिक है, उन्हें रिटेल व्यापार में विशेष नियामकीय प्रावधानों के अंतर्गत रखा जाए, ताकि छोटे व्यापारियों के व्यवसाय एवं रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
स्थानीय व्यापार, पारंपरिक बाजारों एवं छोटे दुकानदारों की सुरक्षा एवं विकास के लिए समान प्रतिस्पर्धा (लेवल प्लेइंग फील्ड) सुनिश्चित की जाए। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन व्यापार के लिए समान कर व्यवस्था एवं व्यापारिक नियम लागू किए जाएं, जिससे छोटे व्यापारियों के हित सुरक्षित रह सकें। इस अवसर पर हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विजय लक्ष्मी चंद गुप्ता सहित 28 राज्यों के व्यापारिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
