राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी, भिवानी के तत्वावधान में बीआरसीएम बहल में चल रहे दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (ए.टी.सी.-164) के पांचवे दिन एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चरखी दादरी आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस (ए.आर.ओ.) के मेजर मज़हरुल आरफीन एमडी आरएमओ अतिथि के रूप में पधारे। डिप्टी कैंप कमांडेंट ने अतिथि मेजर मज़हरुल आरफीन एमडी आरएमओ का अभिनंदन स्मृति चिह्न देकर किया। जिससे सम्पूर्ण परिसर राष्ट्रभक्ति के उल्लास से गूंज उठा।
मेजर मज़हरुल आरफीन एमडी आरएमओ ने अपने प्रेरणादायक व्याख्यान में कैडेट्स को भारतीय सशस्त्र बलों में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनसीसी प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण विकसित होते हैं, जो उन्हें राष्ट्रसेवा के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से ‘सी सर्टिफिकेट’ धारक कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रमाणपत्र गौरव का प्रतीक होने के साथ-साथ भर्ती में विशेष वरीयता प्रदान करता है। उन्होंने ‘डायरेक्ट एंट्री स्कीम’ और ‘अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया’ के सभी चरणों में पंजीकरण, शारीरिक मापदंड, चिकित्सा परीक्षण और लिखित परीक्षा की जानकारी सरल और प्रभावी ढंग से साझा की।
व्याख्यान के दौरान कैडेट्स से सामान्य ज्ञान व सैन्य विषयों पर प्रश्नोत्तर भी किए। सही उत्तर देने वाले कैडेट्स को उन्होंने डायरी और स्कूल बैग भेंट कर प्रोत्साहित किया। इस संवादात्मक सत्र ने सभी कैडेट्स को अपने कैरियर से संबंधित जिज्ञासाओं के समाधान का अवसर प्रदान किया। मेजर मज़हरुल आरफीन ने कहा, एनसीसी केवल एक प्रशिक्षण संस्था नहीं, बल्कि जीवन का ऐसा पाठशाला है जो अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करती है। प्रत्येक कैडेट के भीतर एक सैनिक भावना निहित होती है, बस आवश्यकता है उसे पहचानने और निखारने की।
कार्यक्रम के समापन के पश्चात कैंप कमांडेंट कर्नल रितेश रंजन ने मेजर मज़हरुल आरफीन एमडी आरएमओ का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रेरक सत्र न केवल जानकारी का माध्यम होते हैं, बल्कि कैडेट्स में देशभक्ति, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।
आज प्रशिक्षण के दौरान डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल एंटोनी हेनरी सेल्वम ने एनसीसी कैडेट्स को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वीरता से कराया रूबरू। डिप्टी कैंप कमांडेंट ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सैन्य इतिहास का वह अध्याय है, जो हमारे सैनिकों के अदम्य साहस, सटीक रणनीति और विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करने के संकल्प को दर्शाता है। एनसीसी केवल वर्दी पहनना नहीं है, बल्कि देश के गौरवशाली सैन्य इतिहास को समझना और उसके मूल्यों को अपने जीवन में उतारना है।
इस अवसर पर कैंप के सूबेदार मेजर डी गोपाला कृष्णम के साथ कैंप एजुजेंट फर्स्ट ऑफिसर राजेश कुमार, ट्रेनिंग जेसीओ नायब सूबेदार लोकेश कुमार, सूबेदार हरिराम, बीएचएम अशोक कुमार उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन ‘भारत माता की जय’ और एनसीसी गान के साथ हुआ।
