हरियाणा के युवाओं के हक पर डाला जा रहा है डाका : सुमित बराड़

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय

भिवानी। छात्र नेता सुमित बराड़ ने कहा कि हरियाणा के युवाओं के हक पर लगातार डाका डाला जा रहा है और आज प्रदेश का युवा सबसे बड़ा सवाल पूछ रहा है कि आखिर उसकी नौकरी कौन छीन रहा है? प्रदेश के लाखों पढ़े-लिखे बेरोजगार युवा नौकरी की आस में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार की भर्तियों में हरियाणा के युवाओं को नजरअंदाज कर बाहरी राज्यों के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का युवा दिन-रात मेहनत करता है, कोचिंग लेता है, फीस भरता है और परिवार उम्मीद लगाकर बैठा रहता है, लेकिन जब भर्ती परिणाम आते हैं तो प्रदेश के युवाओं के हिस्से में सिर्फ निराशा आती है।

एचपीएससी की 4,437 भर्तियों में 494 चयन बाहरी राज्यों से हुए। असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी भर्ती में 60 में से 41 चयन बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों के हुए, जबकि असिस्टेंट इंजीनियर भर्ती में 214 में से 185 चयन बाहरी राज्यों से हुए। ये केवल आंकड़े नहीं, बल्कि हरियाणा के युवाओं की टूटी उम्मीदें और भाजपा सरकार की विफल नीतियों का प्रमाण हैं।बराड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और भर्ती घोटालों से त्रस्त है।

हर परीक्षा के बाद युवाओं के मन में डर रहता है कि कहीं फिर कोई पेपर लीक न हो जाए। नीट पेपर लीक जैसे राष्ट्रीय घोटालों ने देश के करोड़ों मेहनती विद्यार्थियों का भरोसा तोड़ दिया है। जब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा तक सुरक्षित नहीं रही, तो युवाओं का सिस्टम से विश्वास उठना स्वाभाविक है। हरियाणा में भी भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। युवाओं को लगने लगा है कि मेहनत और योग्यता नहीं, बल्कि सिस्टम और सिफारिश चल रही है।

उन्होंने भाजपा सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं के साथ यह अन्याय क्यों हो रहा है? स्थानीय युवाओं के हित सुरक्षित करने के लिए क्या नीति बनाई गई है? सीईटी और अन्य भर्तियों में प्रदेश के युवाओं को पर्याप्त अवसर क्यों नहीं मिल रहे? पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सरकार की जवाबदेही क्यों तय नहीं होती?सुमित बराड़ ने कहा कि हम किसी दूसरे राज्य के युवाओं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन अपने राज्य के युवाओं के अधिकारों की आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है।

जब हरियाणा का युवा पढ़ाई, परीक्षा और संघर्ष सब कुछ यहीं कर रहा है, तो उसकी नौकरी पर पहला अधिकार भी हरियाणा के युवाओं का होना चाहिए।उन्होंने मांग करते हुए कहा कि स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए, भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनाई जाए, हर भर्ती का डोमिसाइल आधारित डेटा सार्वजनिक किया जाए, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा हरियाणा के युवाओं को प्राथमिक अवसर सुनिश्चित किए जाएं।सुमित बराड़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार नहीं जागी, तो हरियाणा का युवा आने वाले समय में जवाब भी देगा और हिसाब भी मांगेगा।

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