राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। 11 हरियाणा बटालियन एनसीसी, भिवानी के तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (ATC-164) में कैडेट्स के लिए एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स को आपदा प्रबंधन, राष्ट्रीय सुरक्षा और कठिन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार करना था। शिविर में कैंप एडजुटेंट फर्स्ट ऑफिसर राजेश कुमार द्वारा कैडेट्स को भारत की सीमाओं और विशेषकर तटीय क्षेत्रों की संवेदनशीलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

उन्होंने कैडेट्स को बताया गया कि दलदली जमीन, समुद्री लहरें, चक्रवात और अत्यधिक नमी वाले तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था संभालना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। पैट्रोलिंग के तरीके बताते हुए नायब सूबेदार लोकेश कुमार कहा कि सीमा सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए दिन और रात की पैट्रोलिंग (गश्त), रेकी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की रणनीतिक कड़ियों का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया।
भिवानी फायर ब्रिगेड की टीम ने आग जैसी अचानक आने वाली आपदा से निपटने के लिए कैडेट्स को ‘फायर कंट्रोल’ के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराया गया। सत्र के दौरान विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों जैसे – CO2, ड्राई केमिकल पाउडर, और फोम-बेस्ड एक्सटिंग्विशर का लाइव प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स को सिखाया गया कि आग की श्रेणी (ए, बी, सी, डी) के हिसाब से सही उपकरण का चयन कैसे किया जाता है।अग्नि शमन प्रशिक्षण सिर्फ थ्योरी ही नहीं, बल्कि कैडेट्स को वास्तविक परिस्थितियों का सामना करने के लिए मैदान में मॉक ड्रिल करवाई गई।
कैडेट्स ने खुद अग्निशामक यंत्रों का पिन निकालकर आग बुझाने का व्यावहारिक अभ्यास किया। इसके साथ ही, आग लगने की स्थिति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और प्राथमिक चिकित्सा देने के तरीके भी सिखाए गए।
11 हरियाणा बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी कर्नल रितेश रंजन ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा एक एनसीसी कैडेट केवल परेड ग्राउंड तक सीमित नहीं है। देश के भीतर किसी भी आपदा या सीमा की सुरक्षा के प्रति जागरूक होना उनका कर्तव्य है। तटीय क्षेत्रों की अपनी अनूठी चुनौतियाँ हैं, और आज का यह प्रशिक्षण कैडेट्स में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और साहस का संचार करेगा।इस प्रशिक्षण सत्र में बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी, जेसीओ, एएनओ और पीआई स्टाफ सहित भारी संख्या में छात्र और छात्रा कैडेट्स मौजूद रहे। सभी कैडेट्स ने इस ज्ञानवर्धक सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
