राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। प्रदेश में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर्स को टेली ईसीजी ट्रेनिंग करने के स्वास्थ्य विभाग के फरमान को प्रदेश की नर्सिंग ऑफिसर्स ने सिरे से नकार दिया है। नर्सिंग आफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा की ओर से कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग में ईसीजी तकनीशियन भर्ती नहीं किए हैं, जिसके चलते नर्सिंग कैडर पर एक ओर अतिरिक्त कार्य का भार डाला गया है, ये न्यायसंगत नहीं है।

एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता बांगड़ ने कहा कि उन्हें गत 24 मई को पता चला कि महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा सभी सिविल सर्जन को पत्र के माध्यम से हरियाणा में टेली ईसीजी ट्रेनिंग के लिए नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी लगाई थी, ये कार्य नर्सिंग के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है, लेकिन सभी जिलों के सिविल सर्जन ने नर्सिंग स्टाफ पर ट्रेनिंग के लिए दबाव बनाया और ट्रेनिंग नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को लिखा।नर्सिंग आफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से डीजीएचएस के समक्ष इसका विरोध दर्ज करवाया।
पूरे हरियाणा में बहुत बड़े स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने ईसीजी मशीनें खरीदी हैं, इन्हें ऑपरेट करने के लिए विभाग में कोई ईसीजी तकनीशियन भर्ती नहीं किए हैं। नर्सिंग कैडर पर अतिरिक्त कार्य का भार पत्र के माध्यम से डाला गया है। बांगड़ ने कहा कि नर्सिंग कैडर के अपने मरीजों की देखभाल के साथ-साथ ओर भी बहुत से कार्य जैसे-फार्मेसी, लैब टेक्नीशियन, ब्लड कलेक्शन (जो लैब टेक्नीशियन का कार्य है), कोल्ड चेन, बिना डॉक्टर के डिलीवरी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, टांके लगाना, केन्यूला लगाना, मरीजों के एडमिशन व डिस्चार्ज करना, रेफर बनाना, कम्प्यूटर का कार्य, बिना डॉक्टरों के डिलीवरी करवाना तथा इवनिंग एवं नाइट में जहां डाक्टर उपलब्ध नहीं है, वहां नर्सिंग ऑफिसर ही सेवाएं दे रही है।
अस्पतालों में वार्डों में मरीजों की ज्यादा संख्या व रेशो को देखते हुए नर्सिंग स्टाफ बहुत कम है, जिससे मरीजों की सेवा प्रभावित होती हैं, ऐसे में अन्य पैरामेडिकल का काम थोपे जाने से नर्सिंग कैडर डिप्रेशन और भारी तनाव का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईसीजी करना तकनीशियन का कार्य हैं और विभाग को इनकी नियमिति या आऊटसोर्सिंग से भर्ती करनी चाहिए, ताकि कोई गड़बड़ी न हो और मरीजों की जान पर कोई असर न पड़े। वहीं ईसीजी तकनीशियन के लिए दो साल का डिप्लोमा करना होता है। स्वास्थ्य विभाग हरियाणा में नर्सिंग कैडर के अलावा कोई भी अन्य पैरामेडिकल कर्मचारी से उनके कार्यक्षेत्र से बाहर कोई भी कार्य नहीं करवाया जाता है, अस समय-समय पर नर्सिंग कैडर पर अन्य पैरामेडिकल के कार्य करने के पत्र निकालें जा रहे हैं, जिसका नर्सिंग कैडर के कार्य पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ रहा है।
