राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। सीजेएम पवन कुमार ने नशा मुक्ति केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं, उपचार प्रक्रियाओं, परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को नशे की लत से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। इस दौरान सीजेएम ने नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती मरीजों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति, उपचार प्रक्रिया, दैनिक दिनचर्या तथा परामर्श सत्रों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने केंद्र में कार्यरत चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से उपचार प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधाएं, संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण तथा प्रभावी मानसिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने मरीजों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति विशेष को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। नशे की लत व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से कमजोर बनाकर उसके जीवन को अंधकार की ओर ले जाती है।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र समाज के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे केंद्रों के माध्यम से नशे की गिरफ्त में आए लोगों को नई दिशा, सकारात्मक सोच और जीवन में आगे बढऩे का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केवल दवाइयों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए नियमित परामर्श, मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास तथा परिवार के सहयोग की भी आवश्यकता होती है।
