राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.आर. चालिया के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम)-कम-सचिव पवन कुमार ने सोमवार को जिले के बाल सेवा आश्रम तथा सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, उपचार एवं परामर्श सेवाओं तथा पुनर्वास व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बाल सेवा आश्रम में सीजेएम पवन कुमार ने बच्चों के आवास, भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आश्रम में रह रहे बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।इसके बाद उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर महिलाओं के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय सहायता, कानूनी परामर्श, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, अस्थायी आश्रय और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को त्वरित, संवेदनशील और पूर्णतः गोपनीय सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी गरिमा और सम्मान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।निरीक्षण के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि बाल सेवा आश्रम और सखी वन स्टॉप सेंटर समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के संरक्षण, सहायता और सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को समय पर उचित सहायता मिल सके।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और सेवा गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
