राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
⏩ मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पत्र भेज उच्च स्तरीय जांच की मांग
⏩ नगर परिषद भिवानी में घोटालों का अंबार : पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रिया असीजा ने खोला मोर्चा
⏩ जनता के टैक्स के पैसे का हो रहा है दुरुपयोग, पार्षद खुद लगा रहे आरोप : प्रिया असीजा
भिवानी, 09 जून : नगर परिषद भिवानी में कथित भ्रष्टाचार, भारी वित्तीय अनियमितताओं, कचरा प्रबंधन में घोर लापरवाही और बाहरी व्यक्तियों के अवैध हस्तक्षेप को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। भिवानी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रिया असीजा ने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने जिला नगर आयुक्त भिवानी को शिकायत पत्र सौंपकर इन गंभीर मामलों की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। इसके साथ ही इस शिकायत की प्रतियां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को भी आवश्यक कानूनी व विभागीय कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।

जिला नगर आयुक्त को सौंपे पत्र और मीडिया को दिए अपने बयान में प्रिया असीजा ने कहा कि नगर परिषद भिवानी के अनेक निर्वाचित पार्षद खुद समय-समय पर सार्वजनिक रूप से परिषद के भीतर फैले भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में धांधली के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि इन पार्षदों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के कारण नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि जनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स के रूप में एकत्र किए गए धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। इन आरोपों में कितनी सत्यता है, इसकी बिंदुवार जाँच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रिया असीजा ने मांग की कि पिछले वर्षों में नगर परिषद द्वारा बेंच, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, सडक़ निर्माण, नालों और पार्कों के सुंदरीकरण के नाम पर जो खर्च दिखाया गया है, इन सभी कार्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और इनकी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया, कार्य आवंटन, भुगतान, सामग्री की गुणवत्ता तथा वास्तविक क्रियान्वयन की स्वतंत्र तकनीकी जाँच करवाई जाए।
सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कूड़े की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग और निस्तारण की स्पष्ट शर्तों के बावजूद डंपिंग ग्राउंड में हजारों टन कूड़ा जमा पड़ा है। प्रोसेसिंग न होना सीधे तौर पर अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल का खुला उल्लंघन है। यह स्थिति शहर के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
प्रिया असीजा ने बेहद गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि नगर परिषद की निर्वाचित महिला चेयरपर्सन के स्थान पर उनके पति, देवर तथा अन्य परिजनों द्वारा परिषद के प्रशासनिक एवं आधिकारिक कार्यों में सीधे तौर पर हस्तक्षेप किए जाने की चर्चाएं और शिकायतें आम हैं। यदि कोई गैर-निर्वाचित व्यक्ति परिषद के निर्णयों और बैठकों को प्रभावित कर रहा है, तो यह स्थानीय स्वशासन और महिला आरक्षण की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत है। इस विषय की भी गहनता से जांच आवश्यक है।
उन्होंने मांग की कि नगर परिषद भिवानी के सभी प्रमुख विकास कार्यों, खरीद, टेंडर और भुगतानों का एक स्वतंत्र वित्तीय एवं तकनीकी ऑडिट करवाया जाए और उस ऑडिट की रिपोर्ट को जनहित में सार्वजनिक किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। प्रिया असीजा ने अंत में कहा कि नगर परिषद जनता से प्राप्त धन पर चलती है, इसलिए उसका प्रत्येक खर्च पारदर्शी, जवाबदेह और विधिसम्मत होना चाहिए।
