राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
पंजाबी समुदाय के अपमान पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का एक्शन, एसपी हिसार को 4 हफ्ते का अल्टीमेटम
भिवानी। देश की आजादी और तरक्की में अमूल्य योगदान देने वाले पंजाबी समुदाय को रिफ्यूजी कहकर अपमानित करने का एक गंभीर मामला बीते दिनों हिसार से सामने आया था। इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा संज्ञान लेते हुए हिसार के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।

आयोग की पीठ, जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियांक कानूनगो कर रहे हैं, ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 की धारा 12 के तहत इस मामले को दर्ज किया है और पुलिस प्रशासन को चार सप्ताह के भीतर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग का मानना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के सीधे उल्लंघन का मामला प्रतीत होते हैं।
इस पूरे मामले को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष ले जाने वाली भिवानी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रिया असीजा ने इस कानूनी और सामाजिक लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद प्रिया असीजा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है कि देश की आजादी के 79 वर्षों के बाद भी पंजाबी समाज को रिफ्यूजी या शरणार्थी जैसे शब्दों से संबोधित करके अपमानित करने का प्रयास किया जाता है।
विभाजन के समय हमारे बुजुर्गों ने अपना सब कुछ खोकर भी इस देश की माटी को अपनाया, उसे सींचा और आज का जो आधुनिक भारत है, उसके निर्माण में बराबर की भागीदारी निभाई। आजादी से लेकर आज तक पंजाबी समाज ने देश की सुरक्षा, व्यापार, कृषि और संस्कृति में अनगिनत कुर्बानियां दी हैं। ऐसे में किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह इस देशभक्त समाज की अस्मिता पर चोट करे।
प्रिया असीजा ने कहा कि मानवाधिकार आयोग ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए माना है कि किसी नागरिक को उसकी पृष्ठभूमि के आधार पर इस तरह अपमानित करना उसके गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग की इस सख्त कार्रवाई से पीडि़त पक्ष और पंजाबी समुदाय में न्याय की उम्मीद जगी है।
