महिला जनप्रतिनिधियों की बैठकों में स्वयं उपस्थिति हो अनिवार्य, सफाई व्यवस्था के लिए हों नियमित औचक निरीक्षण : सुरेश सैनी

राजेश बिष्ट नए भारत का उदय


भिवानी। सामाजिक कार्यकर्ता एवं सैनी विचार मंच इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक सुरेश सैनी ने समाधान शिविर में शिकायत दर्ज कराते हुए नगर परिषद, जिला परिषद तथा अन्य प्रशासनिक विभागों द्वारा आयोजित बैठकों में निर्वाचित एवं मनोनीत महिला जनप्रतिनिधियों की स्वयं उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए।


सुरेश सैनी ने कहा कि अनेक अवसरों पर देखने में आता है कि महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति अथवा अन्य प्रतिनिधि बैठकों में भाग लेते हैं। इससे महिलाओं को मिले संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण के उद्देश्य को आघात पहुंचता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नगर परिषद, जिला परिषद और अन्य सरकारी बैठकों में संबंधित महिला जनप्रतिनिधि की स्वयं उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उनकी जगह बैठक में भाग लेने की प्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जाए।


उन्होंने कहा कि महिला जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की समस्याओं, विकास कार्यों तथा आमजन की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से प्रशासन के समक्ष रख सकती हैं। महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी से स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती मिलेगी।


सुरेश सैनी ने शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी भी शहर की पहचान होती है, इसलिए नगर परिषद एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा वार्डों, बाजारों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और कॉलोनियों का नियमित रूप से औचक निरीक्षण किया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां पाई जाएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता है। नियमित औचक निरीक्षण से सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन दोनों विषयों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।


सुरेश सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए और सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए तो स्थानीय प्रशासन की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा आम जनता को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।

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