राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। सिरसा से निवर्तमान सांसद एवं राष्ट्रीय प्रतिभा विकास मंच की मुख्य संरक्षक सुनीता दुग्गल ने कहा कि शिक्षा और खेल दोनों मिलकर एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भागीदारी भी आवश्यक है।उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों को ज्ञान, संस्कार और सही दिशा प्रदान करती है, जबकि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं। खेलों से जुड़े बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत तथा जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं।
सुनीता दुग्गल ने हरियाणा सरकार की नई खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति बच्चों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ किसी न किसी खेल से अवश्य जोड़ें, ताकि वे सरकार की खेल योजनाओं और नई नीतियों का पूरा लाभ उठा सकें।
जिला सेपक टकरा संघ भिवानी के महासचिव एवं बीडीएसए रेलवे अकादमी के मुख्य कोच सतबीर सिंह देहरान ने कहा कि हरियाणा सरकार की नई खेल नीति के तहत खेल नर्सरी, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, छात्रवृत्ति, नकद पुरस्कार तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे युवाओं का खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि खेल ग्रेडेशन नीति में किए गए हालिया बदलावों से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे अधिक से अधिक युवा खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित होंगे। देहरान ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिभा विकास मंच का उद्देश्य देश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, खेल और प्रतिभा विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब शिक्षा और खेल साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी भारत का भविष्य और अधिक उज्ज्वल एवं सशक्त बनेगा।
