राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
भिवानी। हमें मानव के रूप में जो जीवन मिला है वह उस परमपिता परमात्मा शिव की अनुपंत भेंट है जोकि स्वयं बिंदू रूप है मगर गुणों में सिंधु है। हमेें अपने इस जीवन को आध्यात्म में लगाकर परमात्मा के उदेश्य को साकार करना चाहिए। यह बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज की शाखा सिद्धि धाम में शाखा प्रमुख राजयोगिनी बीके सुमित्रा बहन ने अपने अलोकिक जन्मदिन पर उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कही। बीके सुमित्रा बहन ने कहा कि आध्यात्म से ही हमारे मन के विचारों में सकारात्मकता तो आती ही है अपिुत जीवन जीने की कला भी सहज और सरल भाव से मुनष्य सीख पाता है।
हर प्राणी सृष्टि रूपी रंग मंच पर एक पात्र है जोकि अपना-अपना रोल अदा करता है तथा कर्म-वचन से अपनी पहचान छोड़ जाता है। हमें अपने कर्म इंद्रीयों से कोई भी अनुचित कार्य नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर राजयोगिनी बीके सुमित्रा बहन ने समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि प्रकृति में भी परमात्मा स्वयं वास करते हैं। प्रकृति की रक्षा केवल पेड़ पौधे लगाने से ही नहीं अपितु उनके पालन-पौषण करने से होती है। हमें अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए तथा उनकी देखरेख करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रकृति की सुंदरता में स्वर्ग जैसा वातावरण लगाता है। बीके सुमित्रा ने युवाओं का आहवान करते हुए कहा कि अपने जीवन को सुख मय बनाना चाहते हो तो नशे से दुरी बनाके रखें तथा प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान दें यही है जीवन का सार। इस अवसर पर बीके आरती, बीके चन्द्र कला, बीके नीलम, बीके पूनम, बीके ममता, बीके शारदा, बीके कविता, बीके सुशील, बीके सुषमा, बीके मनोज, बीके अनिल, बीके भीम सिंह चौहान व मीडिया कॉर्डिनेटर बीके धर्मवीर सहित अनेक ब्रह्मावत्स उपस्थित रहे।
