राजेश बिष्ट नए भारत का उदय
सिकंदराबाद/ उत्तरप्रदेश। गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर सिकंदराबाद क्षेत्र के ग्राम भराना स्थित गंग नहर किनारे श्री नर्मदेश्वर महादेव आश्रम (ऋण मुक्तेश्वर) में बुधवार को सप्तदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ हुआ। चारों वेदों की स्थापना से पूर्व निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा में 121 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की, जबकि चार यजमानों ने चारों वेदों को अपने मस्तक पर धारण कर गांव के प्रमुख मार्गों से पदयात्रा निकाली। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया तथा जगह-जगह शीतल जल और शरबत की व्यवस्था की गई।

नवग्रह शनिदेव मंदिर पावन धाम के पीठाधीश्वर, ज्योतिषाचार्य एवं कथा व्यास आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय ने बताया कि आर्यावर्त विश्व सनातन विकास परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक एवं आश्रम पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 वेदमूर्ति स्वामी फलारी महाराज के संरक्षण में यह सप्तदिवसीय धार्मिक आयोजन संपन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के उपलक्ष्य में आश्रम में चारों वेदों की स्थापना, 1108 श्री सत्यनारायण कथा के मूल पाठ, नित्य रुद्राभिषेक, वैदिक अनुष्ठान एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों का समापन 21 जुलाई को होगा।

शोभायात्रा के उपरांत आचार्य सुनील पाराशर एवं उनकी टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चारों वेदों का यज्ञशाला में विधिवत पूजन कर स्थापना कराई। इसके बाद नवनिर्मित सत्संग भवन में महिलाओं द्वारा मंगलगीत गाए गए तथा लगभग सवा घंटे तक “हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे… हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे…” का अखंड संकीर्तन किया गया, जिससे पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

इस अवसर पर ब्राह्मण विकास परिषद के राष्ट्रीय महासचिव, उत्तर प्रदेश प्रदेशाध्यक्ष एवं प्रदेश संगठन मंत्री-कोषाध्यक्ष डॉ. विनोद शर्मा ने भी पूजा-अर्चना में सहभागिता कर आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी फलारी महाराज, आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय, वीरू महाराज, प्रयागराज गिरी, सेवापुरी जी, चैतन्य पुरी जी, सीताराम महाराज, कैप्टन खेमचंद, सुशील खटाना (कल्लू), ब्रह्म सिंह हवलदार, रामगोपाल महासय, सुंदर सिंह, प्रमोद गिरी, प्रमोद नेता, धर्मेंद्र प्रधान, मुल्क बाबू, प्रेमचंद महासय, प्यारेलाल, गुरुदत्त शर्मा, राजकुमार शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।प्रसाद एवं शोभायात्रा की व्यवस्थाओं में रोबिन, नवीन, अंकित, मिंटू, आदेश (छोटू), रोहित, रिंकू, डिप्टी, वंटी, शीलम, रोली, नेहा, टीटल, ओमकारी सहित अनेक सेवाभावी श्रद्धालुओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आचार्य पंडित आशीष उपाध्याय एवं स्वामी फलारी महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल होने वाली पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर धर्मलाभ एवं पुण्य अर्जित करें। आश्रम सेवा समिति के माध्यम से इच्छुक श्रद्धालु विभिन्न पूजन एवं अभिषेक में सहभागिता कर सकते हैं।
